Best Udas shayari , Quotes, Status, Thoughts | उदास शायरी | Sad Shayari in hindi

😞Udas Shayari😞

Latest Udas Shayari, ( उदास शायरी ) Udas Quotes, Udas WA Status, Udas Thoughts, Sad Quotes, Dil Dukhadenewali shayari.


Har "Tanaha" Raat Mein, Ek "Naam" Yaad Aata Hai,
Kabhi "Subah" To Kabhi "Sham" Yaad Aata Hai,
Jab Sochte Hain Karle Dubara "Mohabbat",
Fir Pehli "Mohabbat" Ka "Anjam" Yaad Aata Hai

हर "तन्हा" रात में एक "नाम" याद आता है,
कभी "सुबह" कभी "शाम" याद आता है,
जब सोचते हैं कर लें दोबारा "मोहब्बत",
फिर पहली "मोहब्बत" का "अंजाम" याद आता है।

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Ab Na Kholo Mere "Ghar" Ke Udas "Darwaje",
Hawa Ka Shor Meri "Ulajhane" Bada Deta Hai.

अब न खोलो मेरे "घर" के उदास "दरवाज़े",
हवा का शोर मेरी "उलझनें" बढ़ा देता है।

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Wo Tere Khat Teri "Tasveer" Aur Sukhe "Phul",
Bahut "Udas" Karti Hai Mujhko "Nishaniyan" Teri.

वो तेरे खत तेरी "तस्वीर" और सूखे "फूल",
बहुत "उदास" करती हैं मुझको "निशानियाँ" तेरी।

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Chal Mere "Hum_Nashi" Ab Kahi Aur Chal,
Iss "Chaman" Me Ab Apna "Guzara" Nahi,
Baat Hoti "Gulo" Tak To Seh Lete Hum,
Ab To "Kaato" Pe Bhi Haq Humara Nahi.

चल मेरे "हम-नशीं" अब कहीं और चल,
इस "चमन" में अब अपना "गुजारा" नहीं,
बात होती "गुलों" तक तो सह लेते हम,
अब "काँटों" पे भी हक हमारा नहीं।

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Sad Shayari😭 life

Ye "Wafa" Ki Sakt Rahe Ye Tumhare "Nazuk" Paav,
Na Lo "Intekam" Mujhse Mere "Saath-Saath" Chal Ke.

ये "वफ़ा" की सख़्त राहें ये तुम्हारे "नाज़ुक" पाँव,
न लो "इंतकाम" मुझसे मेरे "साथ-साथ" चल के।

उदास शायरी

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Sirf "Chehre" Ki "Udasi" Se
Bhar Aaye Teri "Aankho" Me "Aasu",
Mere "Dil" Ka Kya "Aalam" Hai
Ye To Tu Abhi "Jaanta" Nahi.

सिर्फ "चेहरे" की "उदासी" से
भर आये तेरी "आँखों" में "आँसू",
मेरे "दिल" का क्या "आलम" है
ये तो तू अभी "जानता" नहीं।

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Use "Jane" Ki Jaldi Thi
To Main "Aankhon" Hi "Aankhon" Mein,
Jahan Tak "Chod-Sakta" Tha
Wahan Tak "Chod-Aaya" Hoon.

उसे "जाने" की जल्दी थी
तो मैं "आँखों" ही "आँखों" में,
जहाँ तक "छोड़-सकता" था
वहाँ तक "छोड़-आया" हूँ।

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"Sheeshe" Sa "Badan" Lekar
Yun "Nikla" Na Karo "Rahon" Mein,
"Pathar" Se "Chupe" Hote Hain
Yahan "Logo" Ki "Nigaho" Mein.

"शीशे" सा "बदन" लेकर
यूँ "निकला" न करो "राहों" में,
"पत्थर" से "छुपे" होते हैं
यहाँ "लोगों" की "निगाहों" में।

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Na "Chahat", Na "Mohabbat"
Na "Ishq", Na "Wafa",
Kuch Bhi To Nahi Tha 
Uske Paas Ek "Husn" Ke Siwa.

"चाहत", न "मोहब्बत"
"इश्क़", न "वफ़ा",
कुछ भी तो नहीं था 
उसके पास इक "हुस्न" के सिवा।

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Bhule Hain "Rafta-Rafta" Unhe "Muddaton" Mein Hum,
Kishton Mein "KhudKushi" Ka Maza Hum Se "Puchhiye".

भूले हैं "रफ्ता-रफ्ता" उन्हें "मुद्दतों" में हम,
किश्तों में "खुदकुशी" का मज़ा हम से "पूछिए"

Sad Shayari

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Khud Ko Kuch Iss Kadar "Tabah" Kiya,
Ishq Kiya Ek "Khub-Surat" Gunah Kiya,
Jab "Mohabbat" Mein Na The Tab Khush The Hum,
Dil Ka "Sauda" Humne BeWajah Kiya.

खुद को कुछ इस कदर "तबाह" किया,
इश्क़ किया एक "खूब-सूरत" गुनाह किया,
जब "मोहब्बत" में न थे तब खुश थे हम,
दिल का "सौदा" हमने बेवजह किया।

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"Udaas" Kar Deti Hai Har Roj Ye "Shaam" Mujhe,
Lagta Hai Tu "Bhool" Raha Hai Mujhe "Dheere-Dheere".

"उदास" कर देती है हर रोज ये "शाम" मुझे,
लगता है तू "भूल" रहा है मुझे "धीर-धीरे"

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Mujhe Ye "Darr" Hai Teri "Aarzu" Na Mit Jaye,
Bahut "Dino" Se "Tabiyat" Meri "Udaas" Nahi.

मुझे ये "डर" है तेरी "आरजू" न मिट जाये,
बहुत "दिनों" से "तबियत" मेरी "उदास" नहीं।

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Jo Ho Sake To "Chale Aao" Aaj "Meri Taraf"
Mile Bhi "Der" Ho Gayi Aur Jee Bhi "Udaas" Hai.

जो हो सके तो "चले आओ" आज "मेरी तरफ़"
मिले भी "देर" हो गई और जी भी "उदास" है।

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Ab Na Kholo Mere Ghar Ke "Udaas Darwaze",
"Hawa" Ka Shor Meri "Uljhane" Bada Deta Hai.

अब न खोलो मेरे घर के "उदास दरवाज़े",
"हवा" का शोर मेरी "उलझनें" बढ़ा देता है।



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"Bichad" Ke Mujhse Tum Apni "Kashish" Na Kho Dena,
"Udaas" Rehne Se "Chehra Kharab" Hotein Hai.

"बिछड़" के मुझसे तुम अपनी "कशिश" न खो देना,
"उदास" रहने से "चेहरा खराब" होता है।

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"Iss Tarah" Mili Wo Mujhe "Saalo" Ke Baad,
Jaise Koi "Haqikat" Mili Ho "Khayalon" Ke Baad,
Main Puchta Hi Raha Uss Se "Khatayein" Apni,
Wo Bahut "Royi" Thi Mere "Sawaalon" Ke Baad.

"इस तरह" मिली वो मुझे "सालों" के बाद,
जैसे कोई "हक़ीक़त" मिली हो "ख्यालों" के बाद,
मैं पूछता ही रहा उससे "खताएं" अपनी,
वो बहुत "रोई" थी मेरे "सवालों" के बाद।

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Dekh Lete Ho "Mohabbat" Se Yehi Kaafi Hai,
"Dil Dhadakta" Hai "Sahuliyat" Se Yehi Kaafi Hai,
Haal "Duniya" Ke "Sataaye" Hue Kuch "Logon" Ka,
Jo Puch Lete Ho "Shararat" Se Yehi Kaafi Hai.

देख लेते हो "मोहब्बत" से यही काफी है,
"दिल धड़कता" है "सहूलियत" से यही काफी है,
हाल "दुनिया" के "सताए" हुए कुछ लोगों का,
जो पूछ लेते हो "शरारत" से यही काफी है।

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Dil Se "Mehsus" Kar Sakte Hain Uss "Dard" Ko,
Jo Teri "Kalam" Ne Ek-Ek Karke "Tarasha" Hai.

दिल से "महसूस" कर सकते हैं उस "दर्द" को,
जो तेरी "कलम" ने एक-एक करके "तराशा" है।

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Ussi Ka "Shahar" Wahi Muddai, Wahi Munsif,
Humein Yakeen Tha Humara "Qasoor" Niklega.

उसी का "शहर" वही मुद्दई, वही मुंसिफ,
हमें यकीन था हमारा "क़सूर" निकलेगा।


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"Lafz-e-Tasalli" To Bas Ek "Takalluf" Hai,
Jiska "Dard" Uska "Dard" Baaki Sab "Afsane".

"लफ्ज़-ए-तसल्ली" तो बस एक "तकल्लुफ" है,
जिसका "दर्द" उसका "दर्द" बाकी सब "अफ़साने"

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"Gham" Saleeke Mein The Jab Tak Hum "Khamosh" The,
Jara "Jubaan" Kya Khuli "Dard" Be-Adab Ho Gaye.

"ग़म" सलीके में थे जब तक हम "खामोश" थे,
जरा "जुबान" क्या खुली "दर्द" बे-अदब हो गए।

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Koi "Samjhta" Nahi Mujhe Iska "Gham" Nahi Karta,
Par Tere "Nazar-Andaaz" Karne "Muskura" Deta Hoon,
Meri "Hasi" Mein Chupe "Dard" Ko "Mehsus" Karke Dekh,
Main To "Hass" Ke Yun Hi Khud Ko "Saza" Deta Hun.

कोई "समझता" नहीं मुझे इसका "ग़म" नहीं करता,
पर तेरे "नजरंदाज" करने पर "मुस्कुरा" देता हूँ,
मेरी "हँसी" में छुपे "दर्द" को "महसूस" कर के देख,
मैं तो "हँस" के यूँ ही खुद को "सजा" देता हूँ।

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